शुक्रवार, 19 जून 2009

51 घंटे बाद खत्म हुआ नान केवट का आतंक

Jun 19, 01:54 am
चित्रकूट । तीन दिनों से आतंक की इबारत लिखने वाले पचास हजार के इनामी डाकू नान उर्फ घनश्याम केवट को आखिरकार एसटीएफ और एसओजी ने मार गिराया। उसे गुरुवार अपराह्न डेढ़ बजे जमौली गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर बगीचे के नाले में जवानों ने गोलियों से ढेर कर दिया। हालांकि गुरुवार सुबह यह दुर्दात दस्यु घर में घुसने का प्रयास कर रहे इलाहाबाद पुलिस के जवान बीर सिंह को मार चुका था। मारे गये दस्यु के पास से तीन सौ बारह बोर की फैक्ट्री मेड रायफल व काफी मात्रा में जिंदा कारतूस मिले।
इसके पहले बुधवार रातभर एडीजी कानून व्यवस्था बृजलाल खुद मोर्चे पर डटे रहे। पूरी रात एक-दो बार छिटपुट गोलीबारी हुई। डाकू ने एक या दो ही फायर किये पर पुलिस के जवानों ने काफी फायर झोंके। दिन होते-होते जेसीबी मशीन मंगा ली गयी। पास के कच्चे मकानों को गिराने के बाद जब वह नान के छिपने वाले मकान की ओर बढ़ी तो दस्यु के एक फायर ने जेसीबी के ड्राइवर को रोक दिया। पुलिस सुरक्षा के तमाम आश्वासनों के बाद भी वह नही रुका और मौके से भाग खड़ा हुआ। इसके बाद पुलिस ने पास के घर में आग लगाने के साथ आंसू गैस का इस्तेमाल कर फायरिंग की। जवाब में दस्यु नान भी रुक-रुक कर फायरिंग करता रहा। चारों ओर से घिर जाने के बाद दस्यु नान दोपहर बारह बजे अंडरवियर व बनियान और पैरों में जूता पहने, एक हाथ में बंदूक व दूसरे हाथ में पट्टा लिये पुलिस का घेरा तोड़कर भाग निकला। मकानों के ऊपर छलांग लगाता देख कुछ पुलिस के जवानों ने उस पर फायरिंग की पर वह बच निकला। वहां से भागकर वह लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर एक नाले में जाकर छिप गया। पुलिस ने पीछा कर कई राउंड हवाई फायरिंग की पर उन्हें उसकी सही लोकेशन नहीं मिली। तब नाले के ऊपर घास पर आग लगा दी गयी। काफी देर बाद वह पास लगे आम के पेड़ की ओट से सटकर नाले में घुस गया। यही नाला उसकी कब्रगाह बन गया। तीन तरफ से घेराबंदी कर निकले एसटीएफ व एसओजी के जवानों में कई फायर कर नान को मौत के घाट उतार दिया। तब तक पीएसी के जवान भी पहुंच गये और दस्यु पर गोलियां चलाकर छलनी कर दिया। उसकी मौत के बाद आईजी इलाहाबाद सूर्यकुमार शुक्ल ने अपनी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इसके ऊपर घोषित इनाम के अलावा भी अधिकारियों के स्तर से इनाम दिया जाएगा। गौरतलब है कि मंगलवार से प्रदेश पुलिस के दो शीर्ष अधिकारियों समेत पांच को घायल और चार लोगों को शहीद करने वाला डाकू नान उर्फ घनश्याम केवट अपने आतंक का खेल केवल एक बंदूक के सहारे ही खेल रहा था। दस्यु को मारने में एसओजी के कमांडो संजय सिंह, शैलेन्द्र सिंह, अजय सिंह व भानुप्रताप और एसटीएफ के संदीप ने प्रमुख भूमिका निभायी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें