Jun 21, 02:45 am
चित्रकूट। अब कैसे होगी इनकी शादी। यह एक ऐसा सवाल है जो हर एक जमौली के उस पिता के जेहन में कौंध रहा है जिसकी बेटी विवाह के लायक है। लोग सीधे तौर पर ही कहते हैं कि भइया हमसे कौन सा ऐसा अपराध हुआ कि हमारे गांव को डाकुओं का संरक्षणदाता मान लिया गया। इस बदनामी से अब कौन हमारी बेटियों से शादी करेगा।
श्याम सुंदर, राम राज, फूल चंद्र, जगन्नाथ, राम जस, महेश, बाबू लाल, भैरो दीन व महावीर वे पिता हैं जिनकी पुत्रियां विवाह के योग्य हैं। इनमें भी कुछ इस तरह की बेटियां हैं जिन्होंने गांव के दर्दीले जीवन से इतर इंटर तक की परीक्षा पास कर ली है। वैसे गांव में कक्षा पांच के बाद का कोई भी विद्यालय नहीं है। जगन्नाथ की बेटी राजाबेटी ने इसी वर्ष इंटर की पढ़ाई कौशाम्बी से पूरी की है। राम राज की बेटी किरन ने भी इंटर पास किया है। पार्वती ने हाई स्कूल किया है तो किरन भी कक्षा 11 पास कर चुकी है। गांव में विद्यालय न होने का दुख इन्हें नही बल्कि अब इन्हें डाकुओं के पोषक गांव के रूप में पुकारे जाने का दुख है। सरोज, गोमती, रानी और चंदा ने कहा कि वे आगे पढ़ लिख कर गांव का नाम रोशन करेंगी जिससे गांव के चेहरे पर लगा कलंक मिट सके। उन्होंने कहा कि उनके लिए विवाह नहीं बल्कि पढ़ाई ज्यादा जरुरी है।
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