Jun 20, 01:52 am
चित्रकूट। पुलिस मुठभेड़ में मारे गये डाकू घनश्याम केवट का अंतिम संस्कार शुक्रवार मंदाकिनी किनारे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया गया। वैसे प्रदेश की पुलिस से 51 घंटों तक लोहा लेने वाले डाकू नान की लाश को 28 घंटे पोस्टमार्टम के लिए भी इंतजार करना पड़ा। शाम पांच बजे के बाद उसकी पत्नी उर्मिला को शव सौंप मंदाकिनी किनारे अंतिम संस्कार करवा दिया गया।
वैसे उर्मिला अपने पति का शव लेने के लिए कल देर रात से ही मुख्यालय में अपने चचेरे देवर मूल चंद्र व भाई शिव नाथ के साथ डेरा डाले हुई थी पर पुलिस के भय से वह सामने नहीं आ रही थी। दोपहर के बाद मानववादी पार्टी के अध्यक्ष दुर्गा निषाद, डाकू शंकर की पत्नी रेखा निषाद व पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी बालेन्द्र निषाद के यहां पर आने के बाद उसका ढांढ़स बंधा और पुलिस भी उसे उसके पति का अंतिम संस्कार करवाने को राजी हो गयी। अंतिम संस्कार के बाद दुर्गा निषाद ने पत्रकारों से बताया कि डाकू घनश्याम डकैत था। उसे उसके किये की सजा मिल गई। जमौली गांव के सभी लोग डाकुओं के पोषक नही हैं। उनके मकान जल गये हैं। प्रशासन को फौरी तौर पर तुरन्त ही उनके लिये मकानों की व्यवस्था के साथ ही घर का अन्य समान के साथ ही रोजगार के अन्य अवसर भी उपलब्ध कराना चाहिये। जिससे वे जी सकें।
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