शुक्रवार, 19 जून 2009

मुठभेड़ जारी, दो और जवान शहीद

Jun 18, 02:07 am
चित्रकूट। राजापुर थाना क्षेत्र के जमौली गांव में दस्यु नान उर्फ घनश्याम केवट व पुलिस के बीच मंगलवार को शुरू हुई मुठभेड़ बुधवार को भी चलती रही। दूसरे दिन दस्यु नान की फायरिंग से पीएसी के कंपनी कमांडर व एक सिपाही समेत शहीद हो गये। वहीं आईजी पीएसी व डीआईजी बांदा समेत पांच लोग घायल हो गये। घायलों को हेलीकाप्टरों से लखनऊ के पीजीआई भेजा गया है। समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी थी और अभियान की कमान एडीजी बृजलाल ने संभाल ली थी।
बताते चलें कि राजापुर के जमौली गांव में मंगलवार को दस्यु नान केवट से शुरू हुई मुठभेड़ में एसओजी का जवान शमीम शहीद हो गया था और दो सिपाही घायल हो गये थे। पुलिस द्वारा गांव को चारों ओर से घेरने के बाद रातभर रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। बुधवार सुबह पुलिस ने नये सिरे से रणनीति बनायी। जिस घर में बदमाश रुका था उस घर में जब एसटीएफ टीम ने घुसने की कोशिश की तो अंदर से हुई फायरिंग में एसटीएफ के कमांडो अकरम व इंसपेक्टर नावेन्दु घायल हो गये। वहीं छत में पोजीशन लेकर फायरिंग कर रहे पीएसी के कंपनी कमाडर बेनी माधव सिंह शहीद हो गये। इसके थोड़ी देर बाद ही डीआईजी बांदा के गनर इकबाल को गोली लगी। उसे राजापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। दोपहर लगभग बारह बजे पुलिस ने उन घरों में आग लगा दी जहां बदमाश रुका था। लगभग एक घंटे तक आग लगी रही और बदमाश की ओर से फायरिंग बंद हो गयी। मौके पर मौजूद फायर बिग्रेड के जवानों ने घरों में लगी आग को बुझाया। आग बुझाने के बाद उन घरों में घुसने की योजना बनायी गयी। थोड़ी देर में दस्यु नान ने फिर फायरिंग शुरू कर दी। घटनास्थल पर जायजा लेने पहुंचे आईजी पीएसी बी के गुप्ता व डीआईजी बांदा एसके सिंह के पेट में गोली लगी। साथ ही कौशांबी के पश्चिम शरीरा के थाना प्रभारी मनोज कुमार मिश्रा के हाथ में गोली लगी। घायल आईजी, डीआईजी व दरोगा को जानकीकुंड चिकित्सालय लाकर भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ से आये हेलीकाप्टर से दोनों को लखनऊ पीजीआई भेज दिया गया। खबर लिखे जाने तक एडीजी बृजलाल भी घटनास्थल पर पहुंच गये थे। उन्होंने अब इस अभियान की कमान खुद संभाल ली थी।

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