Jul 03, 10:44 pm
चित्रकूट। 'हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा।' पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की ये पंक्तियां यहां के जवानों को अब एक बार सुनाई जा रही हैं, और सुनाई भी क्यों न जायें जब केवल एक डाकू के कारण चार जवानों को शहीद होना पड़ा और आठ अभी अस्पताल में हैं।
वैसे जिला पुलिस के अधिकतर जवान इस मुठभेड़ के समय अपने वर्षो पुराने साजो सामान के साथ जमौली गांव में महुआ के पेड़ों के नीचे थे या फिर समीपवर्ती गांव की खाटों पर विश्राम कर रहे थे। तमाम के मुंह से तो यह भी निकला था कि 'साहब इन जंग लगी एसएलआर से हमसे डाकू मरवाओगे।' लेकिन इन सब बातों से इतर अपर पुलिस अधीक्षक जुगुल किशोर ने जवानों के अंदर आत्मविश्वास भरने का काम शुरू कर रखा है। बी पी मोबाइल मोर्चा की खूबियों से परिचित कराकर उनके अंदर डाकुओं से लड़ने का हौसला भरा जाने लगा है। उन्होंने बताया कि खुले में एम्बुश लगाने के समय बुलेटप्रूफ मोर्चा आड़ का काम करेगा। इसके साथ ही जिले में पहली बार बुलेटप्रूफ पटका भी आ चुका है। यह जवानों के सिर की रक्षा करेगा।
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