Jul 02, 10:46 pm
चित्रकूट। पिछली बार जब एडीजी बृजलाल राजापुर थाने के गांव जमौली में आये थे तो स्थिति विषम थी। गांव में उतरते ही उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ एके 56 की आवश्यकता पड़ी थी और रात भर वहीं पर डेरा डालने के साथ गोलियां भी चलानी पड़ी थीं। दोबारा गांव आकर वह सबसे पहले उस स्थान पर गये जहां उन्होंने दस्यु नान पर ग्रेनेड फेंकने के साथ ही गोलियां दागी थीं।
जमौली में कार से उतरते ही साथ एडीजी बृजलाल के सामने सबसे पहले सिपाही शेखर शर्मा आ गया। तुरन्त ही उन्होंने उसकी पीठ ठोंककर शाबाशी दी। बैठकर बात करने के पहले ही डीजी पीएसी पीपीएस सिद्धू बोल पड़े कि पहले गांव घूम लिया जाये। बातें बाद में होंगी तो वे सबसे पहले उन्हें लेकर उस घर के सामने पहुंचे जहां से उन्होंने डाकू से लगभग इक्कीस घंटे मोर्चा लिया था। उन्होंने डीजी को बताया कि उन्होंने यहां से ग्रेनेड फेंका था। बाद में उन्होंने पूरे गांव का जायजा भी लिया। इस दौरान एएसपी जुगुल किशोर ने डाकू नान के गांव में आने से लेकर मारे जाने तक की बात बतायी। उनके बताने के तरीके पर प्रसन्न होकर डीजी ने कहा कि अब मुझे विश्वास हुआ कि आप के ही नेतृत्व में पूरा आपरेशन हुआ है। एसपी राकेश प्रधान भी बाद की स्थितियों के बारे में काफी देर तक चर्चा करते रहे।
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