रविवार, 21 जून 2009

ठोकिया की तरह ही दस्यु नान ने उठायी थी बंदूक

Jun 20, 01:52 am
चित्रकूट। क्या किसी व्यक्ति को डाकू पुलिस बनाती है या फिर गांवों का सामाजिक परिवेश। जिले के दो डाकुओं की कहानी तो एक जैसी ही दिखाई देती है। दस्यु ठोकिया और घनश्याम केवट के अपराध की दुनिया में जाने के कारणों पर गौर करें तो स्थितियां लगभग एक जैसी ही दिखायी देती हैं।
ठोकिया ने जहां अपनी बहन के साथ हुए दुष्कर्म के बाद अपराध की दुनिया का रुख किया तो अनपढ़ नान केवट ने भतीजी के साथ हुई छेड़छाड़ और सामाजिक रूप से अपमानित होने के बाद बंदूक उठायी। वैसे दोनो की कहानी का एक पहलू पुलिस और गांव की पंचायत रही। ठोकिया की बहन के साथ दुष्कर्म के आरोपी के शादी न करने और मामला पुलिस में जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला तो उसने कानून को हाथ में ले लिया। वहीं डाकू घनश्याम की भतीजी के साथ जब गांव के एक युवक ने पानी भरते समय छेड़छाड़ की तो दबंगों ने शिकायत करने पर पहले उसे ही पीट दिया। जब वह पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस ने उसे ही भगा दिया। डाकू घनश्याम की पत्नी बताती है कि परचून की दुकान चलाने वाले उसके पति को दबंगों ने कई बार बेइज्जत भी किया। दुकान में उसका बैठना दूभर हो गया था। काफी परेशान हालत में उसने अपराध की दुनिया का रुख गांव के दबंग को पीटकर किया।

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