Jul 02, 10:33 pm
चित्रकूट। जहां एक तरफ गांव वाले एडीजी और डीजी पीएसी के सामने कुछ भी बोलने से डर रहे थे वहीं एक लड़की ने अपने सवालों से पुलिस अधिकारियों के मुंह बंद कर दिये।
अपने ननिहाल जमौली आयी लुधियाना की रहने वाली राधा ने सीधे डीजी पीएसी पीपीएस सिद्धू व एडीजी कानून व्यवस्था बृजलाल के सामने पहुंचकर गांव के हालात के बारे में जानकारी देकर कहा कि गांव में डाकू घुस आया। पुलिस ने उसे मारने के लिए पूरा गांव जला दिया अब राहत के नाम पर क्यों कन्नी काटी जा रही है। जितना भी सामान जला उसका पूरा मुआवजा देने के साथ ही डाकुओं के संरक्षणदाता के नाम पर ग्रामीणों को परेशान न किया जाये। उसके पूछे जाने वाले तीखे सवालों से पुलिस के दोनो शीर्षस्थ अधिकारियों के साथ ही एसपी और एएसपी भी सकते में आ गये। दोनों अधिकारियों से बार-बार बालिका के सवाल पूछे जाने पर उनके पास केवल एक उत्तर था कि राहत का मामला उनका नहीं है। इसके लिए जिला प्रशासन ही कुछ कर सकेगा। बालिका का तर्क था कि आग पुलिस ने लगाई है तो राहत के लिए उन्हें ही प्रयास करना चाहिये। काफी देर बाद उसके साथ आयी गांव की राजबेटी, तारा देवी, मेड़िया देवी, रामवती आदि ने लोगों का हस्ताक्षर युक्त पत्र पुलिस अधीक्षक को सौंपा। पत्र में गुहार लगायी है कि दस्यु को संरक्षण देने के नाम पर ग्रामीणों को बेवजह परेशान न किया जाये।
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